How to Gain Weight वजन कैसे बढ़ायें?

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जहाँ आज एक ओर कई लोग अपने मोटापे(Obesity) से दुखीं हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे भी कई लोग हैं, जो अपने दुबलेपन(slimness) या वजन कम होने की परेशानी का सामना कर रहे हैं।
वजन ज्यादा हो या कम हो, दोनों ही हालात में स्वास्थ्स से जुड़ी अनेक समस्याओं को निमंत्रण देने का कार्य करता है। जिस प्रकार वजन घटाना सरल कार्य नहीं है, उसी प्रकार प्राकृतिक रूप से संतुलित वजन बढ़ाना भी चैलेंज भरा कार्य है। बहुत से लोग बाजारू उत्पाद(Products) खरीदकर इंस्टैंट कॉफी की तरह तुरंत weight gain करना चाहते हैं, जोकि भविष्य में उनके लिए बहुत-सी स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियां खड़ी कर देता है, इसलिए जब भी वजन बढ़ाने की क्रिया शुरू करें, तो संतुलित खान-पान एवं रहन-सहन पर विशेष ध्यान दें। अगर संभव हो सके, तो चिकित्सक से परामर्श कर सकते हैं।

आप पढ रहे हैं वजन बढ़ाने के उपाय

किसे कहते हैं Underweight?
आयुर्वेद के आधार पर जिस व्यक्ति के अंगुलियों के जोड़े मोटे हो जाते हैं, शरीर पर शिराओं का जाल दिखाई देता है, शरीर पर हड्डियां दिखाई देने लगती हैं, मांस पेशियों का घटने लगती हैं, काम करने पर थकान बहुत जल्दी हो जाती है, वह व्यक्ति दुबला या Underweight हैै।

आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के अनुसार वजन कम है या ज्यादा इसका पता करने के लिए BMI (Body Mass Index) का प्रयोग किया जाता है। इसके अनुसार उम्र व लम्बाई के अनुपात में वजन का आकलन किया जाता है।

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BMI = Weight in kilograms /(Height in meters)2

आप अपना Body Mass Index(BMI) पता कर लें और देखें कि यह किस श्रेणी(Category) के अन्र्तगत आता है।

18.5 से कम – Underweight
18.5 से 25 – Normal Weight
25 से 29.9 – Overweight
30 से ज्यादा– Obese(अत्यधिक वजनी)

दुबलेपन की वजह :
खुराक कम लेना
समय पर खाना नहीं खाना
उपवास ज्यादा करना
पौष्टिक आहार नहीं लेना
आनुवंशिकता
शारीरिक श्रम के अनुपात में संतुलित भोजन ना लेना
टीबी(T.B.), Hyperthyroid, Cancer(कैंसर), Anemia (खून की कमी) जैसी बीमारियो में वजन कम हो जाता है।
खाने का दिल न करना(Anorexia), अजीर्ण(Indigestion), जीर्ण अतिसार(Chronic Diarrhea), संग्रहणी(IBS – irritable bowel syndrome) जैसी बीमारियाँ भी लगातार बने रहने पर वजन कम हो जाता है।

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किस तरह बढायें वजन
पर्याप्त आहार(Rich Diet) लें – खाने-पीने के समय को बाधित न करें व सही समय पर भोजन करें, सुबह भारी नाश्ता(heavy breakfast) के अलावा, दिन व रात दोनों समय का भोजन समय पर करें। नाश्ते, लंच व डिनर के बीच-बीच में हैल्दी स्नैक्स जरूर लें। जैसे- फल, ज्यूस, भुने हुए चने, ड्राई फ्रूट्स ले सकते हैं।

पौष्टिक खान-पान(Healthy Diet) लें – खान-पान में घी, मक्खन, फल, हरी सब्जियां, दूध, दही, ज्यूस, गुड़, ड्राई फ्रूट्स, सलाद आदि शामिल करें।
इनसे शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है। इनके नियमित सेवन से दुबलापन दूर होता है और शरीर का वजन बढ़ने लगता है, शरीर में तरावट और चुस्ती-फुर्ती आती है, चेहरा दमकने लगता है, आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।

अपने शरीर का वजन बढ़ाना चाहते हैं, तो नीचे बताये गए पौष्टिक खाद्य पदार्थों को अपने आहार में जरूर शामिल करें –

दूध(Milk)-  दूध वसा, कैल्शियम व विटामिन का बहुत अच्छा स्रोत है। वजन बढ़ाने के लिए दूध सबसे उत्तम आहार है। इसके लिए दूध के साथ केले व आम का शेक बनाकर पी सकते हैं। इसके साथ किशमिश व बादाम मिलाकर पीना वजन बढ़ाने के लिए सोने पे सुहागे वाली बात हो जाती है।

फल(Fruits)- वजन में वृद्धि पाने के लिए यानी weight gain में केला, आम, पपीता, खरबूजा, तरबूज, अनार, सेब जैसे फल बहुत फायदेमंद माने गए हैं। ये सभी एनर्जी, विटामिन, खनिज लवण व पोषक तत्वों का भंडार हैं।
ऊपर बताये अनुसार दूध के साथ केले व आम का शेक बनाकर पीना, खाना खाने के बाद 1-1 पका केला खाना, दो भोजन के बीच में सेब, अनार व मौसमी गाजर, टमाटर, मौसमी, संतरा व अनार का ज्यूस शरीर की कमजोरी व दुर्बलता को मिटाने के लिए बहुत लाभकारी हैं।

घी, मक्खन, पनीर, दही आदि- शरीर का वजन बढ़ाने में वसा का भी महत्वपूर्ण रोल होता है। उचित मात्रा में इन डेयरी उत्पादों का सेवन करना बहुत उपयोगी है। ये डेयरी उत्पाद वसा, कैल्शियम व विटामिन का महत्वपूर्ण स्रोत हैं।

ड्राई फ्रूट्स(Dry Fruits)- बादाम, किशमिश, अंजीर, काजू, पिस्ता, मूंगफली ये सभी उत्तम वसा, कार्बो हाइड्रेट एवं पोषक तत्वों का भंडार हैं। इनका सही रूप में सेवन करने से ना शरीर का वजन ही बढ़ता है, बल्कि शरीर में चुस्ती व फुर्ती भी आती है। साथ ही इम्युनिटी पाॅवर बढाता है।

मांस, मछली, अंडे(non vegetarian diet) एवं दालें आदि- मांस, मछली, अंडे, प्रोटीन पाने के बहुत अच्छे स्रोत हैं। मांस पेशियों का निर्माण करने, शरीर की कोशिकाओं की टूट-फूट की मरम्मत करने के लिए बहुत फायदेमंद हैं। लेकिन अधिक मात्रा में मांसाहार का सेवन कोलेस्ट्रोल को बढ़ा देता है, जिससे हृदय रोग, उच्चरक्तचाप, धमनी काठिन्यता आदि रोगों की सम्भावना बढ़ जाती है। इनके विकल्प के रूप में दालें, सोयाबीन, राजमा, पनीर एवं डेयरी उत्पाद प्रयोग करना शाकाहारी लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प हैं, जोकि प्रोटीन के साथ-साथ अन्य पोषक तत्वों का भंडार हैं।

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वजन बढ़ाने के लिए अपनायें ये जीवनशैली :
पूरी व अच्छी नींद लें(Good Sleep)- शरीर में पुरानी कोशिकाओं की मरम्मत व नई कोशिकाओं के निर्माण के लिए पूरी और अच्छी नींद लेना बहुत जरुरी है। अच्छी नींद से शरीर को पर्याप्त पोषण मिलता है, इसलिए रात को समय पर सो जायें और सूर्य के निकलने से पहले उठ जायें, ताकि आप प्रकृति की अनमोल छठा का आनंद ले सकें। अगर रात में पूरी नींद नहीं ले पाये हों, तो दिन में कुछ देर आराम कर सकते हैं।

हल्का-फुल्का व्यायाम करें(Do a light exercise, yoga etc)- शरीर में ली गई एक्सट्रा कैलोरी की delivery सही हो, अंग-प्रत्यंगों के अनुपात में सही वजन बढ़े, केवल पेट आदि पर चर्बी न बढ़ जाये, इसलिए सुबह-शाम घूमना, बैडमिंटन, खेलना, साइक्लिंग, योगा, प्राणायाम आदि काफी फायदेमंद माने जाते हैं। इससे कोलेस्ट्रोल भी सही रहता है और शरीर की मांसपेशियां सही रूप से विकसित होती हैं। कुछ लोग जिम जाना पसंद करते हैं, इसके लिए gym instructor के निर्देशों का पालन करें, मगर कभी भी जल्दी बाॅडी बनाने की हड़बड़ी में आलतू-फालतू प्रोडक्ट्स का प्रयोग न करें।

रोज मालिश करें(Massage)- मालिश से शरीर में खून का दौरा बढ़ जाता है, जिससे शरीर के प्रत्येक हिस्से तक खून की आपूर्ति अच्छे ढंग से हो पाती है। त्वचा मुलायम व रौनकदार हो जाती है। मांसपेशियों को पोषण मिलता है, जिससे शरीर की सही प्रकार से ग्रोथ होती है। मालिश के लिए आयुर्वेद में बताये गए क्षीर बला तेल, बला तेल, बादाम तेल, नारियल तेल, सरसों तेल उपयोगी है। इनका मौसम के अनुसार चयन करें।

चितां ना पालें(No Stress)- कहते हैं चिंता, चिता के समान होती है। केवल एक बिन्दू मात्र का अंतर है। चिता तो फिर भी मरने के बाद जलाती है, लेकिन चिंता तो जीते जी इंसान को अंदर ही अंदर जला देती है। इसलिए अगर आप सेहत बनाना चाहते हैं, वजन बढ़ाना चाहते हैं, तो चिंता, तनाव, टेंशन को हमेशा के लिए बाय-बाय कहें।

बीमारी के प्रति सजग रहें(Be cautious of disease)- अगर आप नियमित रूप से पौष्टिक भोजन का सेवन कर रहे हैं, दिनचर्या का भी नियमित पालन कर रहे हैं, इसके बावजूद आपका वजन बढ़ने के बजाए, गिरता जा रहा है, तो आप किसी बीमारी से ग्रसित हो सकते हैं, इसलिए वजन बढ़ाने के उद्देश्य से किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले डॉक्टर से अवश्य परामर्श लें।

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वजन बढ़ाने में उपयोगी है आयुर्वेदिक उपाय :
अपनाएं आयुर्वेद के उपाय(Apply Ayurvedic Method)- आयुर्वेद के अति प्राचीन व शीर्षस्थ ग्रन्थ चरक संहिता में हजारों वर्ष पहले सेहत बनाने का जो मूल मंत्र बताया गया है, वह आज भी उतना ही महत्पूर्ण है। इसमें कहा गया है कि पौष्टिक खान-पान, तनाव से दूरी करने व रोज पूरी और गहरी नींद लेने से व्यक्ति शेर के समान ताकतवर, बलशाली और पुष्ट शरीर वाला बन जाता है। यह बात आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के बहुत प्रगति कर लेने के बावजूद आज भी उतनी ही सही है, जितनी हजारों वर्ष पहले थी।

वजन बढाने में कारगर आयुर्वेद की कुछ खास औषधियां(Ayurveda Medicines)- आयुर्वेद की कई औषधियां वजन बढ़ाने में बहुत लाभदायक हैं वो ये हैं- च्यवनप्राश, अश्वगंधा, शतावरी, मूसली, आमलकी, बला, विहारी कंद, शिलाजीत, बादाम पाक, मूसली पाक, पुनर्नवा मंडूर, स्वर्ण भस्म, लौह भस्म, बसंत कुसुमाकर रस, स्वर्ण बसंत मालती रस आदि। लेकिन इनका चिकित्सक से उचित परामर्श लेने के बाद ही सेवन करना चाहिए।

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