Vajan Badhane Ke Liye Kaisi Ho Aahar Talika वजन बढ़ाने के लिए कैसी हो आहार तालिका?

0

Vajan Badhane Ke Liye Kaisi Ho Aahar Talika

Vajan Badhane Ke Liye Kaisi Ho Aahar Talika

आज की फास्ट और भागदौड़ भरी जिंदगी में बेशक लोगों के पास समय का काफी अभाव है, लेकिन उनकी सेहत को लेकर बात की जाये, तो सभी एक फिट और सेहतमंद शरीर पाने की ख्वाहिश रखते हैं। कई लोग अपने मोटापे से परेशान हैं, तो कई ऐसे भी हैं, जो दुर्बलता के अभिशाप से पीड़ित हैं। अधिक मोटापा अगर सेहत के लिए सही नहीं है, तो अधिक दुबलापन भी न तो सेहत के हिसाब से सही है और न ही व्यक्तिगत पर्सनेलिटी को निखारता है।

वजन बढ़ाने के लिए आहार तालिका-

दैनिक भोजन आयोजन-
वजन बढ़ाने की इच्छा व्यक्त करते हुए आये दिन लोग मिला करते हैं। उनके शारीरिक गठन एवं शरीर में आवश्यक तत्वों के अनुसार उन्हें मार्ग निर्देशन भी किये जाते हैं। लेकिन कुछ ऐसे व्यक्ति भी होते हैं, जो सब कुछ समझा देने के बाद भी उसी बिन्दु पर खड़े होते हैं, कि वे क्या खायें और क्या नहीं खायें? ऐसे व्यक्तियों को चाहिए कि कब क्या खायें? किस समय के भोजन में क्या होना चाहिए? इससे अवगत हो जायें।

1. प्रातःकाल का नाश्ता: गाजर, सेब, नाशपाती, अनानास का रस(एक गिलास), अंकुरित गेहूं, आधा कप दूध एवं शहद के साथ या चैकर सहित गेहूं की रोटी, दूध एक गिलास एक चम्मच यीस्ट घुला हुआ पियें।

2. प्रातः दस बजे के आसपास- मीठे फलों या सब्जियों का रस, दही, खीरा, टमाटर, फलों एवं सब्जियों को काटकर उनमें मग्ज़, मेवे, बादाम और मूंगफली का तेल मिलाकर कच्चा ही चबाकर खाया करें।

3. दोपहर 12ः00 बजे- फल, उबली हुई सब्जियां, मूंगफली या बिनौले का तेल मिला हुआ, उबला हुआ अण्डा, मछली गेहूं की रोटी, चोकर(छिलका) सहित आदि।

आप यह आर्टिकल weightgain.co.in पर पढ़ रहे हैं..

4. दोपहर चार बजे- पके हुए केले 1 या 2 मात्रा में लें।

5. रात का खाना- 6-7 बजे शाम तक ही रात का खाना खा लें। गुर्दा-कलेजी, उबली हुई गाजर, मूंगफली या बिनौले का तेल मिलाकर खायें। रूचि और पाचन शक्ति अनुसार फल और मेवे भी खायें।

6. सोते समय- शहद मिला हुआ दूध 1 गिलास। इसी में गुड़ का शीरा और यीस्ट 1-1 चम्मच मिलाकर पी लिया करें।

7. दोपहर के भोजन के बाद कुछ देर आराम अवश्य करें। जब तक शरीर हृष्ट-पुष्ट नहीं हो जाता, तब तक रात को 9 घंटे सोना जरूरी है।

8. प्राणायाम करें- सुबह और शाम को कुछ देर प्राणायाम करें। यदि प्राणायाम से अवगत नहीं हो तो मुंह बंद करके गहरी सांस अवश्य लिया करें।

आपके शारीरिक कद के अनुसार सामान्य वजन कितना होना चाहिए, इसका ज्ञान होना आवश्यक है। आप निम्न तालिका से अपने वजन एवं शरीर के बारे में विचार करें कि पोषक तत्वों की कितनी आवश्यकता है अथवा आपने सामान्य वजन प्राप्त कर लिया है-

कद(शरीर की लंबाई)                 वजन
5.0                                         110 पौंड
5.1                                          113 पौंड
5.2                                         117 पौंड
5.3                                         121 पौंड
5.4                                         125 पौंड
5.5                                         130 पौंड
5.6                                         136 पौंड
5.7                                         139 पौंड
5.8                                         142 पौंड

मोटा व वजन बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार-

1. कच्ची मूंगफली के दाने 250 ग्राम, दसी 250 ग्राम, शक्कर 250 ग्राम, इलायची दाना 5 ग्राम।
मूंगफली के दानों को पानी में 2-3 घंटे तक भिगोकर छिलका उतार कर पीस लें। फिर कढ़ाई में घी डालकर इसे खूब गुलाबी भून लें। 2 कप पानी में शक्कर डालकर चाश्नी बनाने लें। फिर इसमें भूनी हुई मूंगफली डालकर हिलाते रहें। जब कढ़ाई में मिश्रण चिपकना बंद हो जायें, तो उतार कर प्लेट में गर्म-गर्म डालकर ऊपर से पिसी हुई इलायची छिड़क लें। स्वादिष्ट हलुवा तैयार है।
मूंगफली में विटामिन ‘सी’ को छोड़कर सभी पोषक तत्वों और विशेषकर प्रोटीन युक्त होने के कारण पोषक पदार्थ है। जिन स्त्रियों के स्तनों में दूध कम आता हो, उनके लिए मूंगफली बहुत लाभप्रद है।
इससे बना हुआ व्यंजन प्रयोग करने से शरीर पुष्ट एवं सुडौल हो जाता है। इसमें अण्डे से अधिक ऊष्मा और प्रोटीन होती है।

2. चिरौंजी 50 ग्राम, काजू 25 ग्राम, पिस्ता 10 ग्राम, बादाम की गिरी 15 ग्राम, खोया 150 ग्राम, चीनी 500 ग्राम।
खोये को छोड़कर शेष वस्तुओं को देसी घी में मामूली भून लें। फिर इन्हें खोये में मिला लें। चीनी की चाश्नी बनाकर सारी चीजें डाल दें। फिर आग पर रखकर चम्मच से हिलायें। जब गाढ़ा हो जाये, तो थाली में डालकर बर्फी की भांति जमाकर टुकड़ियां काट लें।
नाश्ते में 25 से 50 ग्राम तक खाने से शरीर में अद्भुत शक्ति बढ़ जाती है। शीतकाल में दुर्बलता दूर करने के लिए यह शक्तिवर्धक योग है।

3. यदि आप मोटा होना चाहते हैं, तो बादाम की गिरी 10 नग रात को पानी में भिगो दें। सुबह छिलका उतार कर बारीक करके मक्खन 50 ग्राम और थोड़ी खांड मिलाकर डबलरोटी के दो टुकड़ों के बीच लगाकर खायें। ऊपर से गर्म दूध 250 मि.ली. पी लें। इसके प्रयोग से शरीर मोटा तगड़ा हो जाता है। साथ ही शारीरिक शक्ति की वृद्धि भी होती है।

4. जिनकी स्मरण शक्ति कमजोर हो, बात करते-करते भूल जाते हों, उनके लिए दूध में रोटी घोलकर या भिगोकर खाना उत्तम है।

vajan badhane ke liye yoga, vajan badhane ke liye powder, vajan badhane ke liye diet chart, vajan badhane ki medicine, vajan badhane ke liye exercise, weight badhane ke liye medicine

Vajan Badhane Ke Liye Kaisi Ho Aahar Talika

5. चावल, उड़द की दाल, मांस, अण्डा, पकवान, दूध आदि भी आहार में लिया जाये तो शरीर हृष्ट-पुष्ट हो जाता है।

6. गाजर छीलकर दूध में उबाल कर हलवा बनायें। फिर उसमंे बादाम, पिस्ता, काजू आदि डालें। अंत में गाय का घी डालकर चांदी के वर्क लगा लें।
यह हलवा प्रातःकाल नाश्ते के रूप में 25 से 50 ग्राम तक खायें। इसकी ऐसी एक मात्रा में वारितर लौह भस्म 1 मि.ग्रा., बंग भस्म और प्रवाल भस्म प्रत्येक आधा मि.ग्रा. मिलाकर नित्य सुबह और रात को सोने से पूर्व गाय के दूध के साथ लें। शरीर में आशातीत परिवर्तन होगा।

7. उड़द, गेहूं, जौ और साठी चावल को छिलका और तुषरहित करके आटा बना लें। फिर छोटी पीपल का बारीक चूर्ण बना लें। यह चारों समभाग मिलाकर गोघृत में भून लें।
सभी द्रव्यों के वजन से आधी मिश्री लेकर दुगने जल में चाश्नी बनाकर उपरोक्त चूर्ण बना लें। मोदक बनाने योग्य पका कर 20-20 ग्राम के लड्डू बना लें। रात्रि को सोते समय 1-2 मोदक खाकर गोदुग्ध पी लें। इससे शरीर में बल एवं वीर्य की वृद्धि होती है। संभोग करने की क्षमता भी बढ़ जाती है। इसके सेवन काल में खारी और खट्टे पदार्थ का सेवन मत करें।

8. पौष्टिक पदार्थों में द्राक्षादि मोदक बहुत ही उपयोगी है। इससे शरीर हृष्ट-पुष्ट होता है और कब्ज़ भी नहीं होती है। यह मोदक जुकाम आदि विकारों को भी दूर करने में सहायक है। इसके नियमित प्रयोग से पुराना जुकाम भी ठीक हो जाता है। यह शरीर को बलशाली बनाने एवं अस्थियों को मजबूत बनाने में उत्तम है।
योग- मुनक्का, बादाम और मिश्री समान भाग लेकर अच्छी प्रकार कूट लें। 10-10 ग्राम के मोदक(लड्डू) बना लें। नित्य 1-1 लड्डू दिन में 3 बार खायें।
यदि इसकी प्रत्येक मात्रा में रजत भस्म, मुक्तापिष्टी और प्रवाल पिष्टी प्रत्येक चैथाई ग्राम मिलाकर गाय के दूध के साथ सेवन करें, तो बहुत लाभ होता है। यह स्वादिष्ट भी है।

9. पौष्टिक आहार में शुद्ध गोघृत, मक्खन, मलाई, दूध, दही, सूखे मेवे, अंगूर, सेब, मौसमी आदि उत्तम है। इनको दैनिक आहार में लें। ये कृशता को दूर करके शरीर को हृष्ट-पुष्ट बनाते हैं। उड़द से बने पदार्थ भी उत्तम आहार है। पौष्टिक आहार थोड़ा गरिष्ठ होता है। अतः इनका सेवन करने के समय शारीरिक परिश्रम या अनुकूल व्यायाम अवश्य करें। श्रम से पाचन आसान होगा। कब्ज़ भी नहीं होती है। कब्ज़ दूर करने के लिए मुनक्का एवं पपीता प्रयोग करें।

10. दही का अधिक प्रयोग करने से शरीर में मेद वृद्धि होती है। ताजा मलाईदार दही में मिश्री मिला कर नित्य खाने से शरीर को पोषण मिलता है। इससे शरीर में मेद की वृद्धि होती है। आयुर्वेद में इसे ‘अभिष्यन्दी’ कहते हैं। जिसका अर्थ शरीर में गुरूता बढ़ाने वाला है।

वजन से संबंधित अन्य जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.. http://weightgain.co.in

सेहत  से संबंधित अन्य जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.. http://chetanherbal.com

Vajan Badhane Ke Liye Kaisi Ho Aahar Talikahttp://chetanherbal.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *